पत्रकार और मेट्रो वाला प्यार- 2
मेट्रो में चढ़ते ही सामने खड़ी एक लड़की पर नजर पड़ी। लड़की ने लाल रंग की लिप्सिटक लगाई हुई थी। जो उसकी शक्ल की वाइब्रेंसी को और बढ़ा रही थी।
वन पीस पहने हुए वो लड़की एक लड़के के साथ खड़ी थी। लड़के के बाल उसके माथे पर गिरे हुए थे, जिन्हें लड़की ने अपनी उंगलियों से पीछे की तरफ सेट किया। लड़का मेट्रो के फर्श को लगातार घूर रहा था। उसे मनाते हुए लड़की ने कुछ कहा, पर लड़के ने अचानक अपना हाथ मेट्रो की छत पर मारा। मेट्रो में सभी ने दोनों की ओर देखा, पर ठंसाठंस भरी हुई मेट्रो में दोनों ऐसे खड़े रहे जैसे अकेले किसी बीच पर ढलते हुए सूरज को देख रहे हों।
वन पीस पहने हुए वो लड़की एक लड़के के साथ खड़ी थी। लड़के के बाल उसके माथे पर गिरे हुए थे, जिन्हें लड़की ने अपनी उंगलियों से पीछे की तरफ सेट किया। लड़का मेट्रो के फर्श को लगातार घूर रहा था। उसे मनाते हुए लड़की ने कुछ कहा, पर लड़के ने अचानक अपना हाथ मेट्रो की छत पर मारा। मेट्रो में सभी ने दोनों की ओर देखा, पर ठंसाठंस भरी हुई मेट्रो में दोनों ऐसे खड़े रहे जैसे अकेले किसी बीच पर ढलते हुए सूरज को देख रहे हों।
अब लड़की थोड़ा सा लड़के की तरफ बढ़ी और उसके गले में अपने दोनों हाथ डालकर खड़ी हो गई। मैं आपके लिए इस पूरे एपिसोड को अपनी नजरों के कैमरे से दिमाग के हार्ड ड्राइव में कैद करता जा रहा था। दोनों के बीच में केवल लड़के का काले रंग का बैग था। लड़की ने बैग की जिप को अपना खिलौना बना कर खेलना शुरू कर दिया। फिर थोड़ी देर बाद बोर होकर उसने लड़के की शर्ट के सबसे ऊपर वाले बटन को दोबारा बंद किया। दोबारा इसलिए, क्योंकि वो पहले भी एक बार ऐसा कर चुकी थी।
लड़का अब भी नाराज ही था। मेट्रो ने थोड़ा सा झटका मारा तो मेरा ध्यान भंग हुआ। मैंने देखा कि मेरे अगल-बगल की पूरी दुनिया अपने फोन पर बिजी है। एकदम बगल में खड़े भाईसाहब तो लूडो में मोबाइल को हराने की धुन में रमे हुए थे। फोटो में दिख भी रहे हैं। उन्हें इस लव स्टोरी से कोई मतलब ही नहीं था।
एक दूसरी लड़की फोन पर अपने पति को हड़काती हुई बात कर रही थी, बेचारा शायद ही मैडम की बात में हां में हां मिलाने भर की जगह लाइनोें के बीच में ढूंढ पा रहा हो।
अब मेरा स्टेशन आ चुका था। मैं मुड़ने लगा तो देखा कि लव बर्ड्स भी उसी स्टेशन में उतरने वाले थे। लेकिन अभी तक दोनों का झगड़ा खत्म नहीं हुआ था। और शायद ही उस रात तो खत्म हो पाया हो। क्यों उतरते वक्त की जो तस्वीर मैंने ली उसमें लड़की गुस्से में नजर आ रही थी। मतलब साफ है, कि अब मनाना खत्म और जंग का ऐलान।
मेरे मन में आया कि लौंडे को बता दूं कि भाई, लड़की मनाने के मोड में 15 मिनट से ज्यादा नहीं रहती। उतने में मान गए तो ठीक। वरना, गलती चाहे किसी की भी हो। समझना तुझे ही पड़ेगा। पर अपन को क्या, अपन मेट्रो की इस फिल्लम को देखकर घर की तरफ निकल लिए।
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