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कान के कच्चे राजा की अनसुनी कहानी

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एक बहुत ही पराक्रमी राजा था। राजा हर युद्ध जीतता जा रहा था। राजा का साम्राज्य हर दिन बढ़ता ही जा रहा था। राजा के पराक्रम का यश हर दिशा में फैलता जा रहा था। उसकी सेना का हर सैनिक उसके लिए हर वक्त जान देने के लिए तैयार रहता था। राजा के हर फैसले पर उसे विश्वास था। राजा भी उनके हितों का पूरा ध्यान रखता। सैनिकों का रखता था ख्याल सैनिकों के परिवार के लोगों के लिए हर सुविधा मुहैया कराता। जरूरत पड़ने पर रात के अंधेरे में वेश बदल कर उनसे मिलने भी पहुंच जाता। राजा के दुश्मनों की हर रणनीति युद्ध के मैदान में विफल हो जाती। राजा के मंत्रीगण और सेनापति दुश्मनों की हर चाल का सटीक अंदा जा लगा कर पहले ही तैयारी कर लेते। कहानी में सबकुछ ठीक होता, तो कहानी लिखी जाती क्या, नहीं ना, तो अब पढ़ो असली बात। धीरे-धीरे अय्याश हो गया राजा दिन दोगुनी-रात चौगुनी तरक्की राजा के सिर चढ़कर बोलने लगी। राजा थोड़ा अय्याश होने लगा, लेकिन अपने सैनिकों का अब भी पूरा ख्याल रखता था। धीरे-धीरे राजा की अय्याशी के किस्से पूरे राज्य में मशहूर हो गए। एक दिन राज्य में दुश्मन राजा के कुछ सैनिक घूम रहे थे। मजदूरों के वेश म...

हिंदी अब हिंग्लिश हो गई है.. किसी के बाप का क्या जाता है ?

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जिस देश का हर नागरिक उसकी भाषा की हत्या करने पर तुला हो। जिस देश की भाषा को जबर्दस्ती आधुनिकता का हवाला देकर मिलावटी किया जा रहा हो। गुलामी के जमाने से चली आ रही मानसिकता जब भाषा पर इस हद तक हावी हो गई हो कि उसे पटक-पटककर बदलने पर मजबूर कर दिया गया हो। उस देश की भाषा को मरने से शायद ही कोई बचा सकता हो। बदले अस्तित्व में हिंदी का केवल हि है और इंग्लिश पूरी तरह हावी होकर नाम पर भी कब्जा जमा चुकी है। जी हां जब आप लोग कहते हैं कि हम हिंग्लिश जानते हैं, इतनी भारी भरकम हिंदी भला कौन इस्तेमाल करता है आजकल। तो शर्म आ जाती है। इसीलिए नहीं कि मुझे मिलाकर (कुछ विशेषज्ञों को छोड़कर) शायद 10 प्रतिशत लोगों को ही हिंदी का ज्ञान है। बल्कि वजह यह है कि आजकल की पौध आधुनिक होने का ताज पहनकर अपनी भाषा को मारने में जुटी है। कई अक्षर हिंदी के अखबारों से ही गायब हो चुके हैं। कुछ साल बाद शायद ही किसी को उनके बार में पता हो। जैसे यह की जगह ये और वह की जगह वो इत्यादि। जरा नजर घुमाकर देखिए कि आपके आस-पास के देशों ने अपनी भाषाओं को कितना सहेजकर रखा हुआ है। अमेरिका, लंदन, कोरिया, जापान, दुश्मन देश चीन,...