लव इन ATM लाइन


ब्लैकमनी पर मोदी की सर्जिकल स्ट्राइक से कई नेता और कई कालाधनकुबेर परेशान हैं। डर के मारे, हर एक रेसिस्ट हो गया है और रंगीन नोटों को कालेधन से सफेद करने के जुगाड़ में जुट गया है। हालांकि इस दौरान गली के कुछ लौंडों और गरीब-मजदूरों के दिन भी फिर गए हैं। मजदूरों की इस दौरान चांदी हो गई है, उन्हे भी अब समझ में आ गया है कि आधार कार्ड बनवाने को सरकार क्यों कह रही थी। कल तक जो लात मारते थे वो आज बुला बुलाकर कमीशन दे रहे हैं, नोट बदलवाने के लिए। ये तो थी मेन स्टोरी, लेकिन इससे ज्यादा अहम है कई साइड स्टोरीज। जिनमें से सबसे महत्वपूर्ण होती है किसी भी वक्त पर चल रही लव स्टोरी। क्योंकि वो उस दौर के असली इमोशन रायते की तरह फैला देती है। पेश है सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान पनपे कई गुलशनों का एक पिंक दो हजार के नोट वाला सच।

पहले मोहल्ले के लड़के बिजली जाने का इंतजार करते थे, फिर दौर आया ब्लैंक कॉल का, उससे आगे बढ़े तो मिस कॉल तक मामला पहुंचा और अब फेसबुक से ढूंढ कर व्हट्स ऐप पर चोंच भिड़ाने का चलन है। कालेधन के खिलाफ इस मुहिम ने गली के सभी लौंडों को घर से बाहर आवारागर्दी का एक सुहाना सा बहाना दे दिया है। एक तरफ जहां दुनिया नोटों के चक्कर में बिना खाए पिए, नहाए धोए लाइन में खड़ी दूसरों के नाक के बालों पर सीजफायर का उल्लंघन करते हुए एक के बाद एक हेवी फायरिंग कर नाक के बाल जलाए पड़ी है। वहीं दूसरी तरफ एटीएम की लाइन में खड़े इन रणबांकुरों को देखकर लगता है कि भाई सुबह-सुबह नहा-धोकर, गैस वाला या नो गैस वाला डियो पेल कर, वेट बालों को सेट कर कल वाली का इंतजार आज भी लाइन में ही कर रिया है। एक-आध का तो लव इन एटीएम क्यू भी हो गया।
देर से परेशान हो रही मैडम को मेरे आगे ही लगे भाई ने थोड़ा रेस्ट करने की सलाह दी। थोड़ी देर बाद एटीएम में तो कैश खत्म हो गया, लेकिन भाई की गाड़ी शुरू हो गई। कल लाइन में आकर अपने आगे नंबर लगा दूंगा, बस आप अपना व्हट्स ऐप नंबर दे दो, जिससे आपको पिंग कर दूं। नंबर मिल गया और पिंग से प्यार की पेंग फुल स्पीड में फास्ट और फिर फ्यूरियसली निकल पड़ी। अगले दिन भी संयोगवश मैंने दोनों को लाइन में खड़े देख ही लिया। इस बार ऐसा लगा कि दो काफी पुराने दोस्त हों। वैसे भी पायलटों के फ्लाइंग आवरस और लोंडों के टाल्किंग आवर गिने जाते हैं। तो इस हिसाब से भाई साब का एक्सपीरियंस शायद 27-28 घंटे हो चुका था। जो कि इस दो मिनट की नूडल वाले जमाने में सदियों जितना था।

खैर इसके आगे क्या हुआ ये तो पता नहीं ?  लेकिन चार दिन से देख रहा हूं फेसबुक पर फोनम फुप्ता बेवफा है वाले दस और दो हजार के नोटों को। जिसे देखकर मैंने इस कहानी के अंत का अंदाजा लगाने की हिमाकत कर ली। हालांकि मैं खुद अंदाजा लगाने वालों से खौफ खाता हूं।
हालांकि आज तो मैंने सफाई वाला भी एक ऑल टाइम हिट सुपरमैन सौ के दो नोट देख लिये, जिनमें से एक पर फोनम ने करारा जवाब देते हुए लिखने वाले को ही बेवफा करार दिया और दूसरे पर अपनी मजबूरियां गिनाईं। लव इन एटीएम क्यू चाइना का माल था या फिर लॉन्ग लास्टिंग ये तो पता नहीं, पर दो हजार के नोट के साथ सेल्फियां लेने वाले सभी गालिबों को मेरा सलाम। क्योंकि मार्केट में चले ना चले उनकी बदौलत फेसबुक पर तो दो हजार का नोट दौड़ पड़ा। 

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