भगवान थोड़े कहता है आकर गले लग जा
बाहर कुछ लौंडे आपस में बात कर रहे थे.. 4 थे औऱ
चारों के ही हेय़र स्टाइल अलग.. एक काफी दुबले लड़के ने दूसरे लड़के से आगे की तरफ
जाते हुए पूछा.. कमांडर लाया है क्या.. उसने कमांडर सिगरेट के बारे में पूछा था... मोदी सरकार चाहे जितने जतन कर ले.. सिगरेट के पैकेट पर कैंसर पीड़ितों के फोटो लगाए या फिर सिगरेट पर ही नो स्मोकिंग लिखवा दे.. सिगरेट पीने वालों की बात ही निराली है.. बस ये समझ नहीं आता कि जो सिगरेट हर पल मौत औऱ हर दिन दूसरे सिगरेट पीने वालों से एक कश की भीख मंगवाती है..वो स्टेटस सिंबल कैसे बन जाती है..
खैर.. वो लेकर आया कमांडर.. औऱ लगा कश मारने..
फिर अपने साथ खड़े दूसरे खड़े बालों वाले लड़के से पूछा.. यार ये केदारनाथ कहां
है ?
पहले वाले का शरीर इतना पतला था.. कि एक टी-शर्ट
के ऊपर एक खुली शर्ट पहनकर.. उसने अपना वजन बढाया हुआ था.. उसके इस अति धार्मिक
सवाल को सुनकर.. मोरा पापी मन आगे ना बढ़ पाया.. मैं रुक गया.. ज्ञान की इच्छा ने
दूसरों की बातें चुपके-चुपके ना सुनों की सीख को कहीं पीछे धकेल दिया.. अब जवाब सुनने की बारी थी..
दूसरे लौंडे के सिर के बाल भी खड़े थे.. पर उसके
अगल-बगल के बाल एकदम छोटे.. औऱ पीछे एक चोटी थी..लंबी सी.. उसके 2 हाथों पर तकरीबन
4 टैटू थे.. तकरीबन इसलिए.. कि जितने दिखाई दे रहे थे.. कुछ टी-शर्ट के अंदर भी
होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.. इसके अलावा.. उसके गले पर भी एक या डेढ़ टैटू रहे
होंगे..
द्वितीय उवाच- (दूसरा लौंडा बोला) अरे यार हमारे यहां ही है..
गढ़वाल.... पौढ़ी ..कुमाऊं.. टिहरी की तरफ.. चारों धाम वहीं हैं.. तू जा रहा है
क्या..
पहला बोला- यार काफी दिनों से अपने कुछ दोस्तों
को गोली दे रहा हूं.. गोली देता रहा हूं.. औऱ वो अमरनाथ.. भी हो आए.. अब कह रहे
हैं.. केदारनाथ चलने की..
दूसरा लौंडा- अरे केदारनाथ वही.. जहां की पिछली बार
खबर आई थी.. बाढ़ वाली... देख मेरे समझ में नहीं आता.. कि लोग ऐसा क्यों करते
हैं.. तेरे भाई को मंदिर गए 4 साल होने को आए हैं.. लेकिन नहीं जाना तो नहीं
जाना..
पहले वाले ने कमांडर का जोर का कश मारते हुए..
अपने भाई पर की बात गौरवान्वित हामी भरी..
दूसरा लौंडा मुंह टेढ़ा कर.. अपने दोस्त की
हामी से थोड़ा प्रोत्साहित होकर बात को आगे बढ़ाने लगा.. वो बोला- साला केदारनाथ
जाना है.. रास्ते में साले दारू भी पिओगे.. गांझा.. सुल्फा मारोगे.. और फिर बोलोगे
जय बाबा की.. साले इस बात पर बहुत गुस्सा आता है मुझे.. साले नहीं जाना तो मत
जाओ..जाना हो तो तमीज से जाओ.. ये क्या बात हुई.. भगवान थोड़े ही कहता है कि आकर गले
लग जा.. हुंह..
दूसरे लौंडे ने फिर हामी भरते हुए कश लगाया औऱ
बोला, भाई सही बात है.. जाते हुए गांझा तो चलेगा.. बाबा का प्रसाद होता है..
अब तक मेरे मन में पहले वाले के लिए सम्मान का
माउंट एवरेस्ट बन चुका था.. मैने सोचा कि यार.. लड़के के विचार अच्छे हैं.. पर इस एवरेस्ट के खुदने पर भी निकली चुहिया ही.. थोड़ी ही देर बाद वो बोला..
हम दोस्त भी गए थे एक बार शिर्डी.. वहां तेरे भाई
ने तीन दिन के सफर औऱ दर्शन के दौरान एक बार भी दारू औऱ सिगरेट तक को हाथ नहीं
लगाया.. भाई भगवान के घर गए हो.. पवित्र रहना चाहिए.. ना खुद पी औऱ ना किसी और को
कोई गलत हरकत करने दी..
उसके बाद हम वापस लौटे ट्रेन में.. बस.. फिर हमने जो धमाल मचाया.. पूरी बोगी को बार बना दिया.. पैन्ट्री कार्ट के बगल में थे.. तेरे भाई ने स्टेशन से ही किया जुगाड़.. औऱ बस फिर रास्ते का पता ही नहीं चला.. मजा आ गया यार दर्शन करके..
उसके बाद हम वापस लौटे ट्रेन में.. बस.. फिर हमने जो धमाल मचाया.. पूरी बोगी को बार बना दिया.. पैन्ट्री कार्ट के बगल में थे.. तेरे भाई ने स्टेशन से ही किया जुगाड़.. औऱ बस फिर रास्ते का पता ही नहीं चला.. मजा आ गया यार दर्शन करके..
नोट- (किसी की धार्मिक
भावनाएं आहत करने के लिए नहीं, बल्कि इस लेख का मकसद केवल ये समझना औऱ समझाना है
कि भगवान के दर्शन के लिए जाते वक्त, या पूजा करते वक्त नशा न करने का ध्यान
रखनेवालों को ये समझने की जरूरत है.. कि दर्शन-पूजा के लिए जाते-आते वक्त पीना या
ना पीना आपको भगवान के पास ले जाएगा इसकी कोई गारंटी नहीं है... लेकिन नशे की लत
जरूर एक बुरी मौत के जरिए आपको भगवान को प्यारा कर सकती है)
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जवाब देंहटाएंActually nase ka lat ni hota lat ka nasa hota hai hope ki ye blog lat ke nase walo tk pahuche ar unhe sumarg ki oor prerit kare
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