प्यार किस्मत से मिलता है... औऱ शादी के लिए जोड़ियां ऊपरवाला बनाता है... क्या झोलझाल है यार?!@#!
प्यार के कई रूप होते हैं औऱ इसकी कई वजह भी हो सकती हैं। कोई सेट गाइडलाइन नहीं है, कि भई फलाणे की हाइट, वेट, नैन-नक्श, रंग, चाल-ढाल और अलाणा-फलाणा ऐसा ही होगा तो ही आपको उससे प्यार होगा। अच्छा भी है, वर्ना मुनाफ़ा कमाने की होड़ में लगे कोचिंग सेटर्स नें लोगों को प्यार सिखाने के भी इंस्टिट्यूटस खोल डाले होते, औऱ इसके भी कंबाइंड एंट्रेंस टेस्ट होते (बैंकों की तरह) और फिर नंबरों के मुताबिक मिलता, आपको अति सुंदर लड़की से प्यार के लिए अपलाए करने का मौका (सेम लड़कियों के लिए भी है)। शुक्र है ऐसा है नहीं, वर्ना मुझ जैसे को नहीं मिलती कोई लड़की।
खैर दांत दिखाना बंद करें, औऱ आगे बढें। ये केवल मज़ाक था, शीशे में सब अपने को हीरो-हिरोइन से कम नहीं आंकते। आप आंकते हो क्या?
कहते हैं, कि प्यार अंधा होता है या फिर दिल आया गधे-गधी पर तो परी-परा क्या चीज़ है। सड़कों पर कुछ अजीब सी मिसमैच जोडियां देखकर यह सोलह आने सच लगता है। फिर लगता है कि यह जो सड़कों-चौराहों, बसों औऱ मेट्रो में लटके या गिरे-पडे या फिर एक दूसरे की बाहों में बाहें डाले घूम रहे हैं, क्या ये सभी शादियां करके एक-दूसरे के साथ ही घर बसाएंगे। वैसे तो ये उनका अपना निजी मामला है चाहे जो करें, लिमिट में चाहे जहां करें औऱ शादी करें या कभी न करें, पर दिल है कि मानता नहीं, सवालों की लड़ी पेले रहता है, हरदम।
लेकिन, ठीक है यारों, मैं तो बैंक के पेपरों के एंट्रेंस की मारा-मारी देखकर ही इतना डर गया हूं, कि शायद लंबी लाइन देखकर अपलाए न करता। पर एक बात औऱ बता दूं, टॉपिक से थोड़ा सा अलग है, हम भारतीय कई और वजहों के अलावा इसलिए भी भाग्यशाली हैं कि हमारे देश में अरेंजड मैरिज का चलन है। मतलब अगर आप प्यार के इस सबसे खतरनाक और खौफनाक टेस्ट में पास नहीं हो पाए, तो कोई नहीं मां-बाप तो दिला ही देंगे एक सुयोग्य वर या वधू। ऐसे ही 'मिसफिट' लोगों की वजह से शायद अब तक चल भी रहा है ये अरेंजड मैरिज का चलन।
खैर छोडो, टॉपिक ते आ लेते हैं। अरेंजड मैरिज को लेकर अब युवाओं में चलन बढता जा रहा है। अब युवाओं को यह कहते सुन लेता हूं, कि यार शादी तो मां-बाप की पसंद से ही करनी चाहिए। समझ में नहीं आता कि, इस कथन से क्या समझा जाए, कि अब सबका विश्वास वापस मां-बाप औऱ रिश्तेदारों द्वारा पसंद करके की हुई शादी की पद्धति पर ही है। या फिर अब आप सामने वाले से प्यार तो करना चाहते हैं, लेकिन भरोसा करते हुए डरते हैं, कि आपके जितने अफेयर्स रहे हैं, अगर उतने ही उसके भी हुए तो, या आपसे पहले कौन रहा होगा? क्योंकि अब देखता हूं, कि लोग छाती ठोंक कर, खुश होकर बताते हैं, कि यार शादी तो अरेंजड ही करेंगे, लव जितनी बार करा लो। शादी को लेकर अब युवा जितनी जोड-तोड औऱ गणित करने लगे हैं, देखकर महसूस होता है, शादी नहीं इनवेस्टमेंट प्लान हो।
एक ऐड में एक छोटा बच्चा अपने चाचू से सवाल करता है, औऱ जवाब सुनकर बच्चा कहता है, "चाचू ये सब तो आपको इस इनवेस्टमेंट प्लान में मिल जाएगा, शादी आप उस लड़की से करना जो आपसे प्यार करे।"
अगर जीवन में सब कुछ फायदे-नुकसान की गणित पर आधारित होगा, तो मुझे तो वो कहावत याद आने लग जाती है, जो आपको भी किसी ने एसएमएस में फॉर्वर्ड की होगी, अब आज की जेनरेशन की कहावतें ये ही कहलाएंगी शायद।
लव मैरिज में आप अपनी गर्लफ्रेंड-ब्वायफ्रेंड से शादी करते हैं
औऱ अरेंजड मैरिज में, किसी औऱ के.... ;P
नोट: अगर आपने लव मैरिज की है औऱ सबकुछ मस्त चल रहा है तो कृपया बुरा न माने, यह लेखक के कुंए के अंदर के जगत की दुनिया से लिया गया एक्सपीरियंस है, इसका आपके या किसी के भी वास्तविक जीवन से कोई लेना-देना नहीं है। (पिंड छूटा :P)

Alana falana... mast tha...
जवाब देंहटाएं@ Noopur.... I just try to keep it simple and easy to understand. Bolchaal ki bhaashaa main hai... alaana falaana
हटाएंgood satire
जवाब देंहटाएं