देखिए: यहां है हर इच्छा पूरी करनेवाला पेड़; ऐसे हो जाती है हर मनोकामना सच

 



कल्पवृक्ष.. एक ऐसा पेड़ जिसके नीचे खड़े होकर जो भी मांगो पूरा हो जाता है.. माना जाता है कि इस पेड़ के नीचे अपार सकारात्मक ऊर्जा का संचरण होता है.. शायद ये बात जगदगुरू आदि शंकराचार्य को पता थी.. तभी उन्होंने इस पेड़ के नीचे बैठकर 5 सालों तक तपस्या की.. यहीं उन्हें दिव्य ज्ञान की ज्योति प्राप्त हुई.. अब आपके मन में कई सवाल उत्पन्न हो गए होंगे.. कहां है ये पेड़... किसने लगाया... कैसा दिखता है.. तो चलिए लिए चलते हैं आपको उत्तराखंड के पहाड़ों पर... हरिद्वार से श्रीनगर होते हुए चमोली के रास्ते आप पहुंचेंगे जोशीमठ... 

बुजुर्ग ने बताया कि ये पेड़ स्वयं देवताओं ने लगाया

सही पहचाना आपने.. ज्योतिर्मठ नाम... खराब होते होते.. जोशीमठ हो गया... बद्रीनाथ धाम.. नरसिंह मंदिर इसी जगह हैं... यहीं से फेमस टूरिस्ट स्पॉट ऑली के लिए रास्ता जाता है... और यहीं है.. शंकराचार्य की तपस्थली... तो हमें किसी ने इस जगह के बारे में बताया.. और हम चल दिए.. कल्पवृक्ष के दर्शन करने... यहां मौजूद एक बुजुर्ग ने बताया कि ये पेड़ स्वयं देवताओं ने लगाया.. यहां हमें मिले एक और तपस्वी.. तो ठीक उसी गुफा में तपस्या कर रहे थे जहां जगतगुरू शंकराचार्य जी ने की थी..  कथा के मुताबिक.. सृष्टि की रचना से पहले... समुद्र मंथन से जो 14 रत्न प्राप्त हुए, उनमें समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला पारिजात वृक्ष भी था। जिसे देवराज इंद्र को दिया गया। इंद्र ने हिमालय के उत्तर में स्थित सुरकानन वन में इस वृक्ष को स्थापित किया।

इस पेड़ की उम्र 2500 साल बताई जाती है

कल्पवृक्ष के नीचे ज्योतेश्वर महादेव का पौराणिक मंदिर भी स्थित है। आप भी करिए महादेव के दर्शन.. इस मंदिर में पुजारी उनियाल लोग होते हैं। इस पेड़ की उम्र 2500 साल बताई जाती है.. हालांकि कुछ मान्यताओं के मुताबिक ये इससे कुछ हजार साल ज्यादा पुराना होगा... कुछ रिसर्चरों के मुताबिक इस पेड़ की आयु का अनुमान इसीलिए भी लगाना मुश्किल है कि मनुष्य पेड़ के तने में मौजूद जिन रिंग्स के आधार पर गणना करते हैं वो इस पेड़ के तने में हैं ही नहीं... है ना हैरानी की बात.. इतना ही नहीं... इस पेड़ पर फल नहीं लगते केवल फूल लगते हैं.. इसका तना अंदर से खोखला है.. लेकिन इसके बावजूद ये पेड़ हरा-भरा है और नई शाखाओं से भरा हुआ दिखता है... तने की मोटाई भी हैरान करने वाली है.. 22 मीटर से ज्यादा... ऊंचाई लगभग 170 फीट..

यहां जगतगुरू शंकराचार्य जी ने की 5 सालों तक तपस्या

इस पेड़ की महिमा का अंदाजा इसके नीचे मौजूद गुफा से लगाया जा सकता है.. जिसे शंकराचार्य की गुफा कहा जाता है.. यहीं की थी जगतगुरू शंकराचार्य जी ने 5 सालों तक तपस्या.. इसके बाद भी.. बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद.. गुरुदेव यहीं 6 महीने व्यतीत करते थे... अब रही बात इस पेड़ द्वारा मनोकामना पूरी होने की.. तो इसकी कुछ शर्त है.. 


शर्त जानने के लिए देखिए वीडियो

मनोकामना पूरी करने वाला पेड़ | हजारों साल पुराना कल्पवृक्ष

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