GARHWALI छुंई | मम्मी को मिला जंगल में भालू | मम्मी-पापा-मौसी ने सुनाई आपबीती | #UTTARAKHANDI #VLOG




बारिश, ठंड और 4 #उत्तराखंडी मिल जाएं तो फिर छुईं तो लगनी ही है। आज मौसी भी आ गई, फिर तो गांव की कहानियां शुरू हो गईं। कैसे मम्मी जब शादी के बाद पहले साल गांव में थीं और लकड़ी काटने जंगल गईं और उन्हें मिल गया रिक यानी भालू? फिर क्या हुआ, मम्मी ने बताया, दादी ने घर आकर उन्हें क्या कहा?

पापा मम्मी और मौसी किस स्कूल में पढ़ते थे और फिर गांव से शहर कैसे आए? कई मजेदार किस्से कहानियां आज के इस #VLOG में निकलकर आ गईं। #KOTNALI गांव और #TALEDI गांव में रहती थीं मम्मी और हमारा गांव है #RIKHNIKHAL ब्लॉक में #POKHARU । छोटा सा गांव है हमारा उसके आस-पास हैं #KILBOKHAL, #KHANDWARI और #SILMODI या #SULMODI गांव...

आगे वीडियो देखो और कमेंट में बताओ आपको कैसा लगा...

देखें वीडियो - GARHWALI छुंई | मम्मी को मिला जंगल में भालू | #UTTARAKHANDI #VLOG


दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल को कोरोना होने के बाद उत्तराखंड और पंजाब के लोगों को चिंता हो गई है। उनका परेशान होना भी लाजमी है क्योंकि केजरीवाल जी दोनों की प्रदेशों में धड़ाधड़ चुनावी रैलियां करके लौटे और उन्होंने अपने कोविड-19 संक्रमित होने की घोषणा कर दी। ऐसे में उत्तराखंड और पूरे देश के लोगों का कोरोना के बढ़ते केस के बीच हो रही इन चुनावी रैलियों के बारे में क्या सोचना है ये जानने के लिए हमने बात की अपने उत्तराखंडी माता पिता से, क्योंकि सिर्फ केजरीवाल ही नहीं बाकी राजनीतिक पार्टियों के नेता भी रैलियां कर रहे हैं उसमें शामिल हो रहे बाकी लोगों की चिंता करे बगैर। रैली में कोई कोविड प्रोटोकॉल मानता दिख नहीं रहा, खुद केजरीवाल भी बिना मास्क के रैली में दिखाई दे रहे थे। ऐसे में जब नियम बनाने वाले पालन नहीं कर रहे तो फिर जनता से उम्मीद रखना और उनका चालान काटना कहां तक सही लगता है।

देखें VIDEO - #Uttarakhandi mom-dad reaction | क्या उत्तराखंड में रैलियां बंद होनी चाहिए | COVID-19 #उत्तराखंड के लोग दिल्ली और कई महानगरों में आ कर बस गए हैं, लेकिन उनके मन में अपने प्रदेश के विकास को लेकर कई तरह की बातें चलती रहती हैं। दिल्ली में कई दशकों से रहने की वजह से राजनीति और असलियत शायद थोड़ी समझ आने लगी है। आज भी मन में जब ये इच्छा आती है कि काश अपने गांव में एक मकान बना कर रह लेते, तो कई सवाल मन में उठ जाते हैं। अस्पताल कहां हैं, सड़क और गांव दो कोनों पर हैं, पानी आज भी नल से नहीं नालों से ही आता है.. ऐसे में क्या है एक उत्तराखंडी के मन की बात, जरा सुनिए तो सरकार...

वीडियो में देखें क्या है #Uttarakhandi ke #ManKiBaat


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